जागो हिंदु जागो
#जागो_हिंदू_जागो
#अभी_नही_तो_कभी_नही जागो और संगठित होकर इन तुगलकी फरमान का प्रतिकार करो।
#अमरनाथ_यात्रा अमरनाथ गुफामें भोले का जयकारा नही लगा सकते, प्रसाद पूजा की सामग्री नही ले जा सकते। एक साल में 50,000 से अधिक यात्रियों को यात्रा पर जाने पर रोक।
#वैष्णोदेवी यात्रा पर एक दिनमे 50,000 से अधिक यात्रियों को यात्रा पर जाने पर रोक।
#महाकालेश्वर_ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर भस्म या दूध के अभिषेक पर रोक
#दीपावली दिवाली पर फटाके नही फोड़ सकते
#जन्माष्टमी कृष्ण जन्म पर अमुक ऊंचाई से अधिक पर दहीं हांडी नही लटका सकते।
#आर्ट_ऑफ_लिविंग के न्यूदिल्हि यमुना तट पर संस्कृति कार्यक्रममे जल प्रदूषण के नाम NGT द्वारा करोड़ोका जुर्माना।
#शनि_शिंगणापुर में महिलाओं दर्शन करने की हिंदु मान्यता पर प्रहार लेकिन मुंबई की हाजिअली दरगाह पर कोई सुनवाई नही।
#मानवाधिकार वालो को कुछेक शरणार्थी रोहंगिया मुशलिमो का दर्द दिखता है। लेकिन अपनी धरती से खदेड़े गए लाखो कश्मीरी पंडितों की सूझबूझ लेने की दरकार नही समझी।
#जलीकट्टू , #सतीप्रथा #मंदिरों_में_बलिप्रथा जैसे हिंदु समाजके धार्मिक स्थल और मान्यताओं म् इन्हें दोष दिखाई देता है और हमारी कमजोरी और विभाजित मानशिकता का फायदा उठाकर हमारे श्रद्धा स्थानों पर रोक या प्रहार करते देखा गया है।
इन्हें ईद पर करोड़ो बेजुबान जानवर की कत्ल में कोई दोष नही दिखता। मोहर्रम पर शारीरिक अत्याचार, स्त्री खतना तीन तलाक जैसे अमानवीय व्यवहार में इन्हें वर्गविशेष की आस्था दिखती है।
यह तो केवल कुछ तुगलकी निर्णय है। इसकी लिस्ट बहोत लंबी हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट, NGT (National Green Tribunal), मानव अधिकार पंच और So Called बुद्धिजीवी जैसे वामपंथी विचारधारा वाले केवल हिंदू विरोधी फतवे ही हम पर थोपकर हमारी आस्था को आहत करते है। यह सब हम हिंदू समाज की विभाजित मानसिकता का ही फायदा उठाकर हमारी भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे है !!!
भारतके अधिकतम भूभाग एवं केंद्र मैं BJP सत्ताधिष्ठ रहते हुए भी वामपंथी नौकरशाही कितनी प्रभावशाली है ???
यदि फिरसे येनकेन प्रकरेण हिंदु विरोधी मानसिकता वाली सरकार बन जाएगी तो हमारे देश में ही हम बहुसंख्यक समुदाय से धीरे धीरे अल्पसंख्यक में परिवर्तित हो जाएंगे।
कहीं हमारी सहिष्णुता हमारी कमजोरी न बन जाये !!!
मित्रो यदि आप सोचते हो कि हम सत्ता के सामने क्या कर सकते है ??? तो मित्रो।लोकशाही में अपने हक्क की आवाज उठाने का हमे अधिकार है। आज समय Facebook Twitter Instagram Whatsapp जैसे Social.Media का है हमारे विचार जनमानस में पहुचाने के यह सशक्त माध्यम है।
इस post को अधिक से अधिक share करे और अपना कर्तव्य निभाये।
धन्यवाद !
जागो_हिंदू_जागो
#अभी_नही_तो_कभी_नही जागो और संगठित होकर इन तुगलकी फरमान का प्रतिकार करो।
#अमरनाथ_यात्रा अमरनाथ गुफामें भोले का जयकारा नही लगा सकते, प्रसाद पूजा की सामग्री नही ले जा सकते। एक साल में 50,000 से अधिक यात्रियों को यात्रा पर जाने पर रोक।
#वैष्णोदेवी यात्रा पर एक दिनमे 50,000 से अधिक यात्रियों को यात्रा पर जाने पर रोक।
#महाकालेश्वर_ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर भस्म या दूध के अभिषेक पर रोक
#दीपावली दिवाली पर फटाके नही फोड़ सकते
#जन्माष्टमी कृष्ण जन्म पर अमुक ऊंचाई से अधिक पर दहीं हांडी नही लटका सकते।
#आर्ट_ऑफ_लिविंग के न्यूदिल्हि यमुना तट पर संस्कृति कार्यक्रममे जल प्रदूषण के नाम NGT द्वारा करोड़ोका जुर्माना।
#शनि_शिंगणापुर में महिलाओं दर्शन करने की हिंदु मान्यता पर प्रहार लेकिन मुंबई की हाजिअली दरगाह पर कोई सुनवाई नही।
#मानवाधिकार वालो को कुछेक शरणार्थी रोहंगिया मुशलिमो का दर्द दिखता है। लेकिन अपनी धरती से खदेड़े गए लाखो कश्मीरी पंडितों की सूझबूझ लेने की दरकार नही समझी।
#जलीकट्टू , #सतीप्रथा #मंदिरों_में_बलिप्रथा जैसे हिंदु समाजके धार्मिक स्थल और मान्यताओं म् इन्हें दोष दिखाई देता है और हमारी कमजोरी और विभाजित मानशिकता का फायदा उठाकर हमारे श्रद्धा स्थानों पर रोक या प्रहार करते देखा गया है।
इन्हें ईद पर करोड़ो बेजुबान जानवर की कत्ल में कोई दोष नही दिखता। मोहर्रम पर शारीरिक अत्याचार, स्त्री खतना तीन तलाक जैसे अमानवीय व्यवहार में इन्हें वर्गविशेष की आस्था दिखती है।
यह तो केवल कुछ तुगलकी निर्णय है। इसकी लिस्ट बहोत लंबी हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट, NGT (National Green Tribunal), मानव अधिकार पंच और So Called बुद्धिजीवी जैसे वामपंथी विचारधारा वाले केवल हिंदू विरोधी फतवे ही हम पर थोपकर हमारी आस्था को आहत करते है। यह सब हम हिंदू समाज की विभाजित मानसिकता का ही फायदा उठाकर हमारी भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे है !!!
भारतके अधिकतम भूभाग एवं केंद्र मैं BJP सत्ताधिष्ठ रहते हुए भी वामपंथी नौकरशाही कितनी प्रभावशाली है ???
यदि फिरसे येनकेन प्रकरेण हिंदु विरोधी मानसिकता वाली सरकार बन जाएगी तो हमारे देश में ही हम बहुसंख्यक समुदाय से धीरे धीरे अल्पसंख्यक में परिवर्तित हो जाएंगे।
कहीं हमारी सहिष्णुता हमारी कमजोरी न बन जाये !!!
मित्रो यदि आप सोचते हो कि हम सत्ता के सामने क्या कर सकते है ??? तो मित्रो।लोकशाही में अपने हक्क की आवाज उठाने का हमे अधिकार है। आज समय Facebook Twitter Instagram Whatsapp जैसे Social.Media का है हमारे विचार जनमानस में पहुचाने के यह सशक्त माध्यम है।
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धन्यवाद !
जागो_हिंदू_जागो
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