भारत का महाभारत


॥भारत का महाभारत॥
मेरे आजके ब्लॉगके शीर्षक की सार्थकता पूरे ब्लॉग को पढ़कर ही सिद्ध होंगी। वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में हम आम नागरिकों की भूमिका क्या होनी चाहिए ? हमे लोकतंत्र या वंशतंत्र, राष्ट्रभक्ति या परिवार भक्ति, वंशवाद या विकासवाद मेसे कीसे चुनकर अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभाना है ? इसका निर्णय अपनी विवेक बुद्धि से लेना पड़ेंगा। आपको इस ब्लॉगको पढ़कर इसकी प्रतिक्रिया रूप अपने विचारसे मुजे अवगत कराने की विनंती है। आप यह पोस्ट पढ़कर अपना निर्णय स्वयं ले और सोशियल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त करें।

श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी : गुजरात के पिछड़े वर्ग के एक सामान्य परिवारमें जन्मे, लोकतांत्रिक पद्धतिसे संगठन कार्यकर्ता से गुजरातके मुख्यमंत्री और 2014 में भारत के १५ वे प्रधानमंत्री बनने वाले मोदीजी आज केवल भारत ही नही विश्वमे सबसे अधिक चर्चित राजनेता है।

आज मोदी या BJP विरोधीयों को मोदीजी से तो शिकायत है, वह उनकी आलोचना एवं निंदा भी करते है। यह बात समजमें आ सकती है। लेकिन पिछले चुनावों में BJP को वोट देने वाले मोदी समर्थक भी अब विपक्षकी षडयंत्रकारी चालमें फस कर सोशियल मिडिया या अपने मनमे मोदीजिके प्रति नाराजी व्यक्त करने के सुर में सुर मिलाने लगे है। मुख्य कारण है अल्पावधि में मोदीजी से अत्यधिक अपेक्षा। परंतु भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक राष्ट्रमें, पिछली सरकार के काले करतूतों और घोटालों से लुटे हुए राष्ट्रको पुनः प्रगति के पथ पर प्रस्थापित करना अल्पावधि में यह अपेक्षापूर्ति असंभव है। सामान्य जनता का यह उतावलापन देशके हित मे घातक शाबित हो सकता है।
■•मोदी ने महँगाई बढ़ा रखी है,
■•व्यापार में दिक़्क़त है,
■•GST रिटर्न भरने दिक़्क़त है,
■•पेट्रोल महँगा कर रखा है,
■•आरक्षण खत्म नहीं किया
■•राम मंदिर नहीं बनवाया
■•15 लाख नहीं दिया
■•माल्या, मोदी घोटाले कर देशसे पलायन हो रहे है
■•अच्छे दिन नहीं आए
■•नोटबन्दी की वजह से जनता मरी पड़ी है
■•फलाना, ढेकाना इत्यादि इत्यादि
इसलिए अब हम मोदी की दूकान बंद कराएँगे, इस चुनाव में वोट नहीं देंगे।
बंधुओं, मोदीकी दूकान बंद कराने की बात तो बाद की बात है, पहले तथ्य और वास्तविकता जान ले फिर अपना निर्णय ले।
★ मोदीजी की उम्र 67 वर्ष है और उनके पीछे ना परिवार है और बीवी-बच्चे।
★ उन्होंने ज़िंदगी में जो पाना था वो पा लिया है।
★ अब अगर आप वोट नहीं भी देंगे ! और वो हार भी जाएँगे ! तब भी वो   "पूर्वप्रधानमंत्री" तो कहलाएँगे ही। उन्हें क्या फर्क पड़ेंगा ? वैश्विक स्तर पर उन्हें मिली ख्याति शायद ही कोई राजनेता को मील पायेंगी। जो। उन्होंने अल्पावधि में कमा ली है।
★आजीवन दिल्ली में घर, गाड़ी, पेंशन, एसपीजी सुरक्षा, कार्यालय मिलता रहेगा।
★ दस-पंद्रह साल जीकर चले जाएँगे।
लेकिन सवाल ये उठता है कि आप और हम क्या करेंगे?
जब कांग्रेस + लालू + मुलायम + मायावती + ममता + केजरीवाल जैसे देशद्रोही साथ मिलकर नंगा नाच नाचेंगेयह अफजलप्रेमी गेंग राष्ट्रमें अराजकता फैलाकर, आज विश्व जिसे जगद्गुरु के रूपमे देखने और मानने लगा है इस भारत को :
★ इस देश का सम्पूर्णतः इस्लामीकरण और ईसाईकरण करवाएगी !!!
★धीरेधीरे हिंदु बहुसंख्यक से अल्पसंख्यक बनकर सिमटते जाएंगे फिरभी तुम्हारी तुष्टीकरण करनेवाला कोई नही बचेंगा।
★ POK समेत पूरा कश्मीर पाकिस्तानका अभिन्न अंग बना डालेंगे।
★धीरे धीरे पश्चिम बंगाल, केरला जैसे राज्य संपूर्णत: इस्लामिक स्टेट बनकर रह जाएंगे।
★वोटबैंक पोलोटिक्स के चलते रोहिंग्या मुशलमानो को घर जवाई बनाकर बसायेंगे !!!
★ अंधी लूट मचेंगी !!!
★ भगवा आतंकवाद जैसे नए नए शब्द बनेंगे और आतंकवादी सरकारी मेहमान बनेंगे !!!
★ हिंदुओं का खतना कर धर्म परिवर्तन होंगा !!!
★ मुसलमानो को आरक्षण मिलेंगा !!!
★ लव जिहाद को खुल्लेआम बढ़ावा मिलेंगा !!!
★ महंगाई आसमान छुएगी !!!
★ पप्पू देश लूट कर इटली घूमने जायेगा !!!
★ सैनिक रोज मारे जाएंगे !!!
★ पाकिस्तान, चीन चारो तरफ से घेरकर सर पर बैठ जाएंगे !!!
★ कोयला, 2G, CommanWealth, चारा घोटाला जैसे और नये नये घोटालों अबकी अपेक्षा कई गुणा अधिक मात्रा में होंगे, क्योंकि आपही इन घोटालेबाजो को वोट देकर उनके काले करतूतों को Clean chit का प्रमाणपत्र देने जा रहे हो।
मोदजीकी दुकान बंद कराने वालों जरा विचार करो
● मोदी के राजकीय जीवनमें भ्रष्टाचार का एक भी दाग़ है क्या ???
● क्या मोदीजी ने भाई भतीजावाद किया है ???
● 67 शाल की आयुमें अविरत 18 घंटे कार्य करते है, इतना ही नही विदेश दौरे में हवाई सफर के दौरान कार्य करते रहते है।
● शपथ ग्रहण से आजतक क्या उन्होंने एक दिन की भी छुट्टियां बिताने के सैर सपाटे किया है ???
● बताओ एक रूपया भी दामाद के लिए नहीं रखा.... बेटी बेटा तो है नहीं तो दामाद कहा होंगे।
● मोदीजी ने सरकारी खर्चें से अमेरिका जाकर अपने पूरे खानदान का इलाज भी नहीं करवाया .....
● मोदीजी ने दिग्विजय, अहमद पटेल, गुलाम नबी, जैसे चापलूस रखे नहीं...
● मोदीजी ने पप्पू जैसी अय्याशी कभी की नही ...
●अल्प कार्यकालमे अपनी बुद्धिमत्ता, कार्यशैली, पारदर्शक व्यक्तित्व और वाक्पटुता से वैश्विक स्तर पर दिलोदिमाग में स्थान बनाने वाले मोदीजिने न केवल अपनी पहचान बनाई है, परंतु भारतको विश्वगुरू के रूपमे प्रस्थापित किया है।
●ऐसे बहुमुखी प्रतिभा के धनी विश्वनेता की उपेक्षा और उनकी दुकानदारी बंद करवाकर आप हमको क्या मिलेगा इस देश का क्या हाल होंगा ?  क्या यह कभी सोचा है ???
● मोदीजी तो आत्मसंतोष के साथ मरेंगे कि मैंने एक कोशिश तो की अपना देश बचाने के लिये। लेकिन आप लोग तो हर दिन मरेंगे, और अंतिम साँस कैसे लेंगे ???
● अपने बच्चों के लिए कैसा भारत छोड़ कर मरेंगे ???
● ज़रा विचार कीजिए और तब निर्णय लीजिए।
विश्वके खूंखार आतंकवादी संगठनों से पंगा लेकर, विश्वमे घूमघूम कर आंतकवाद के खिलाफ एकजुट कर, अपनी जान को राष्ट्रहित में जोखिम में डालने वाले मोदी जी की इमानदारी और नियत पर शक करनेवाले जरा सोच लो !
133 करोडसे अधिक जनसंख्या वाले भाषा, धर्म, संस्कृति दृष्टि से विविधता वाले लोकतांत्रिक देश मे केवल एक टर्म में चहुमुखी विकास करना कोई जादुई छड़ी घुमाने जैसी तिलसिमि बात नही है। फिर भी 3.5 साल में मोदी सरकार ने क्या किया इस देश के लिए जानना चाहोगे ?
■ मोदीजी ने नोटबंदी कर देश को भयंकर आर्थिक संकट से उबारा है यह वास्तविकता आम जनता नही समज पाएंगी। इसे विस्तार से पढ़ें।
• हाई इन्फ्लेशन और बैंको को हर महीने दिए जारहे पॅकेज देश के तेजी से आर्थिक अराजकता की ओर बढ़ने की सूचना दे रहे थे। जिसमे बैंकों के खतरे में होने का अंदेशा सबसे ज्यादा था। आर्थिक सूचनाएं बोगस थीं, धोखे में डालने वाली थीं।
• जब मोदी जी ने हाल ही में लोकसभा में राष्ट्रपति महोदय के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर इसका जिक्र किया तो पिछली सरकार का निकम्मापन और भयावह रूप से सामने आया।
• 2014 मार्च तक अर्थशास्त्री PM मनमोहन सिंह ने बैंक के NPA  37% बताये थे जो वस्तुतः 82% थे।
• बैंकें डूबने की कगार पर थीं।
• वास्तव मे बैंक के कुल NPA 56 लाख करोड़ रुपये थे।
• NPA (Non Performing Assets) याने बैंक की डूबत राशि
• कितना बड़ा झूठ !!!
• कल्पना कीजिये जब ये सच्चाई नव नियुक्त PM मोदीजी के सामने आयी होगी तो उन पर क्या बीती होगी ???
• अगर बैंकें फेल हो जातीं तो देश किस हालत में होता ?
• आर्थिक अराजकता सामाजिक अराजकता में बदल चुकी होती।
• देश भयंकर संकटों में घिर चुका होता।
• मोदीजी उसकी भेंट चढ़ गये होते।
• आंकड़ों की भूलभुलैयाँ में यही विपक्ष अपने पाप को मोदी के सर मढ रहा होता।
• नोटबंदी ने इस दुष्चक्र से बाहर निकाल दिया।
• ये कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार का बहुत खतरनाक उदाहरण है। जो देश के इतिहासमें या शायद विश्वके इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला #बैंक_NPA_घोटाला है। जिसका जिक्र हाल में मोदीजी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान Publicly किया है।
कोंग्रेसियो ने देशको अंदरसे इतना खोखला कर दिया है की इनके गड्ढे भरने मे ही दशकों लग जाते। लेकिन हमारा सौभाग्य है की हमे PM के रूपमे 'इशप्रेषित महामानव' मिला है। जिन्होंने अल्प समय मे ही देश को न केवल भयानक आर्थिक संकट से उबारा है अपितु विकास की राह पर दौड़ता कर दिया है।
■  पेट्रोलियम पदार्थों पर भाव नियंत्रण में बदलाव कर सरकारी कंपनियों को घाटे से उबरकर 1 लाख करोड़ से अधिक रू की कमाई।
■ उसमें 46 हज़ार करोड़ ईरान को देकर भारत का कर्जा उतरवा लिया....
■ बाकी बचे 54 हजार करोड़ में राफेल फाइटर जेट खरीद कर सेना को मजबूती दी है।
■ करप्रणाली में सुधार 'GST' एक राष्ट्र एक टॅक्स लागू।
■ नोटबंदी से अर्थव्यवस्था से कालेधन का खात्मा।
■ जन धन योजना के तहत 15 करोड़ से अधिक बैंक खाते खुले, जीवन बीमा और पेंशन वाले 10 करोड़ से अधिक के डेबिट कार्ड जारी।
■ कॉरपोरेट सेक्टर ने मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को अपनाया। 2019 तक संपूर्ण स्वच्छता का वादा।
■ रसोई गैस में नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना लागू। सब्सिडी में सालाना पांच अरब डॉलर बचत की उम्मीद।
■ पेट्रोल, डीजल मूल्य भी नियंत्रण मुक्त।
■ रेल अवसंरचना में विदेशी निवेश को अनुमति। 
■ रक्षा में विदेशी निवेश सीमा बढ़ाकर 49 फीसदी। प्रौद्योगिकी हस्तांतरण मामले में सीमा 74 फीसदी।
■ रक्षा खरीद में तेजी 36 राफेल युद्धक विमान की खरीदारी को मंजूरी।
■ बीमा और पेंशन में विदेशी निवेश की सीमा बढ़कर 49 फीसदी।
■ कोष जुटाने के लिए बैंकों को IPO / FPO लाने की अनुमति। बशर्ते सरकारी हिस्सेदारी 52 फीसदी से अधिक हो।
■ कर लाभ के साथ रियल एस्टेट एवं अवसंरचना निवेश ट्रस्ट की अनुमति।
■ 100 स्मार्ट शहर परियोजनाओं को मंत्रिमंडल की मंजूरी।
■ रेलवे में पांच साल में 130 अरब डॉलर खर्च प्रस्तावित।
■ अखिल भारतीय वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था लागू करने की दिशा में ठोस पहल।
■ कोयला ब्लॉक नीलामी के दो चक्र सफलता पूर्वक पूरे।
■ नए विधेयक पारित होने के साथ खनन क्षेत्र में जारी गतिरोध दूर।
■ दूरसंचार स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी पूरी।
■ मेक इन इंडिया, डिजिटल भारत और कौशल भारत पहल शुरू। रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजगार सृजन पर जोर।
■ मुद्रा बैंक 20 हजार करोड़ रुपये कोष के साथ शुरू। यह छोटे उद्यमियों को 50 हजार से 10 लाख रुपये ऋण देगा।
■ सरकारी कंपनियों का विनिवेश शुरू।
■ फैसले में तेजी लाने के लिए कई मंत्री समूहों का विघटन।
■ केंद्र और राज्य के बीच राजस्व बंटवारे पर 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू।
■ इस्पात, कोयला और बिजली परियोजनाओं की मंजूरी के लिए एकल खिड़की प्रणाली।
■ कृषि उत्पादों में महंगाई नियंत्रित रखने के लिए कीमत स्थिरीकरण कोष स्थापित।
■ कृषि उत्पादों का भंडारण बढ़ाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये के साथ भंडारण अवसंरचना कोष गठित।
■ विदेशी कोषों की आय से संबंधित कर पर स्पष्टता, जिनके कोष प्रबंधक भारत में रहते हों।
■ न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) पर विधि आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में समिति गठित।
इसके अलावा 
★ बीजेपी ने एक राष्ट्रवादी सरकार का परिचय देते हुए शत्रु संपत्ति बिल को कानून में बदलने का काम किया।
★कठोरता से नोटबंदी का निर्णय लिया गया, उसके साथ ही सेल कंपनियों पर कार्रवाई करके सरकार ने कालेधन पर रोक लगाने का काम किया।
★ पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक से दुनिया में कड़ा संदेश गया।
★बेनामी संपत्ति का कानून लाकर सरकार ने कालेधन को रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया।
★ चुनावी राजनीति में पार्दर्शिता लाने के लिए 20000 तक के चंदे की सीमा को कम करके 2000 रुपये करने का काम किया है।
★ प्रधानमंत्री ने पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक के चुनाव एक ही दिन कराने का का प्रस्ताव रखा है।
★ 1100 से ज्यादा बेकार कानूनों को खत्म करके कानून के जंगल को खत्म करने का बीजेपी सरकार ने किया है।
★ मनरेगा में 48,000 करोड़ रुपये ज्यादा देकर देश के गरीब को राहत देने का काम किया।
★ भीम App आज दुनिया में कैशलेस ट्रांसजेक्षन का बेहद लोकप्रिय App बनकर उभरा है। इसका बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर के नाम पर रखकर सरकार ने बाबासाहेब के अर्थशास्त्रीय गुण को दुनिया के सामने रखा।
★ शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को 'दिव्यांग' का नाम देना और कानून बना कर उन्हें सम्मान देने का काम भी बीजेपी सरकार ने किया।
★ मातृत्व अवकाश को 26 हफ्ते करके मोदी जी ने इस देश की गर्भवती महिलाओं को अपनी और बच्चे की सेहत की देखभाल करने का मौका दिया है।
★ मोदी सरकार ने 21 June को "विश्व योगदिवस' के जरिए भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया में सम्मान दिलाने का काम किया।
★ तेजस विमान को वायुसेना में शामिल करके मोदी सरकार ने वायुसेना को बल देने का काम किया है। इस सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण की दिशा में भी काम किया है।
★पेरिस जलवायु सम्मेलन में पूरी दुनिया ने भारत को सराहा है, जलवायु के मामले में भारत पूरी दुनिया में लीडर के तौर पर उभरा है।
★ लालबत्ती को हटाने का काम करके इस देश में 'वीआईपी कल्चर' को खत्म करने का काम भी मोदी सरकार ने किया है।
★ बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, नमामि गंगे, और स्वच्छता अभियान जैसी योजनाओं के जरिए जनसमस्याओं को जनभागीदारी के जरिए सुलझाने के लिए सरकार ने नई पहल की।
★ 2016-17 में यूरिया उत्पादन का काम देश में सबसे ज्यादा हुआ।
★ सबसे ज्यादा किलोमीटर नेशनल हाईवे 206-17 में बनाए गए।
★ सबसे ज्यादा ग्रमीण सड़कें 2016-17 में बनाई गयीं।
★ सबसे ज्यादा गाड़ियां 2016-17 में बनायी गयीं।
★ सबसे ज्यादा टू व्हीलर 2016-17 में बनाए गए।
★ सबसे ज्यादा सॉफ्टवेयर का निर्यात 2016-17 में हुआ।
★वर्ल्ड बैंक के 'डूइंग बिजनेस इंडीकेटर' के मामले में सबसे अच्छी रैंकिंग 2016-17 में रही।
★स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 13 करोड़ लोगों का बीमा किया गया।
★ 2 करोड़ गरीबों के घर गैस चूल्हा पहुंचा कर उनकी झोपड़ी से धुंए को गायब करने का काम प्रधानमंत्री मोदी सकार में हुआ है।
★ Give It Up के जरिए एक करोड़ पांच लाख लाख लोगों ने अपनी गैस की सब्सिडी छोड़ी।
★ जैनरिक दवाओं और अमृत स्टोर के माध्यम से गरीब को स्वास्थ लाभ देने का काम मोदी सरकार ने किया।
★ हार्ट स्टेंट की मूल्य 40 हजार से लेकर 7000 तक करके गरीब को भी अपने दिल का इलाज कराने का अधिकार दिया है।
★ 18 हजार गांव ऐसे थे जहां बिजली नहीं थी, उसमें ले 13,000 गांव में बिजली पहुंचाई गई, एक साल के भीतर बाकी बचे गांव में भी बिजली पहुंचाई जाएगी।
★ मुद्रा बैंक के माध्यम से करीब 7.5 करोड़ युवओं को स्वरोजगार के लिए लोन देने का भी प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने किया है।
★2018 में लैप्रेसी और कालाज्वार से मुक्त होने का लक्ष्य भारत सरकार ने रखा है, वो आगे बढ़ रहा है। 2020 तक चेचक से मुक्ति पाने का लक्ष्य भी रखा है।
★ साढे चार करोड़ लोगों के घर में शौचालय बनवाने का काम बीजेपी ने किया है।
★ मिशन इंद्रधनुष के तहत लगभग सात करोड़ बच्चों को टीकाकरण देने का काम किया है।
★स्किल इंडिया के माध्यम से स्किल अपग्रेडेशन का काम बीजेपी सरकार ने किया है। लगभग स्टैंडअप, स्टार्टअप और मुद्रा बैंक के माध्यम से करीब आठ करोड़ युवाओं को रोजगार देने का काम सरकार ने किया है।
★ मेक इन इंडिया के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने और रोजगार देने में सरकार ने बड़ी उपबल्धि हासिल की है।
★ न्यूनतम मजदूरी में 42% की वृद्धि हुई है, यूनीवर्सल पीएफ अकाउंट के माध्यम से बहुत सारी तकतीफों को दूर किया गया है।
★ एक हजार रुपया न्यूनतम पेंशनल करके गरीब मजदूरों को सम्मानित करने का काम भी मोदी सरकार ने किया है।
★ ग्रेड 3 और ग्रेड 4 की नौकरियों के लिए इंटरव्यू खत्म करके मेरिट के आधार पर नौकरी देने का काम करके एक पार्दर्शी सिस्टम बनाने का काम किया।
★ भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. विदेश मुद्रा भंडार 63 अरब डॉलर बढ़ा है. सेंसेक्स आज सभी रिकॉर्ड को तोड़कर 36,000 का आंकड़ा पार कर गया है, निफ्टी भी अबतक के 11100 सबसे ऊचे स्तर पर।
★ IMF के अनुमान के मुताबिक देश की ग्रोथ रेट 7.2 रहेगी. हमने 4.4 से शुरुआत की थी जिसे हमने 7.2 तक पहुंचाया है।
★औद्योगिक विकास रेट 5.1 और कृषि विकास दर को निगेटिव से निकाल कर 4 प्रतिशत से ज्यादा रखने में सफल हुए हैं।
★ राजकोषिय घाटे को 3.9 पर रखने में हम सफल हुए हैं, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों में 20% की वृद्धि दर्ज की गयी है, ये आजादी के बाद सबसे बड़ी वृद्धि है।
★ व्यक्तिगत आय जो पिछले वर्ष 93 हजार थी वो इस साल एक लाख तीन हजार तक पहुंची है।
★ करीब 9 लाख 36 हजार करोड़ की कर चोरी को पकड़ा गया है, साइप्रस, सिंगापुर और मॉरीशश के रास्ते को बंद करके देश में कालेधन आने वाले रास्ते बंद किए।
★ 161 देशों को ई वीजा देकर 88 लाख पर्यटकों को भारत में लाने का काम भारत सरकार ने किया है, ये 13% की वृद्धि है।
★ आपदा के समय के समय किसान को राहत देने के लिए आर्थिक और भूमि दोनों सहायताओं में वृद्दि की गयी है।
★ गन्ने का बकाया देश में लगभग खत्म कर दिया गया है।
★नीम कोटेड युरियाके जरिए कीटनाशककी खपतको भी कम कियाहै।
★ यूरिया की उपलब्धता भी बढ़ायी है, खादों के दाम भी सरकार ने कम करने का काम किया है।
★ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए खेती के पूरी व्यवस्था को एक सुरक्षा कवच देने का काम किया है।
★ ई-मंडी के माध्यम से किसानों को उचित कीमत मिल सके इसकी व्यवस्था की गयी है।
★ समर्थन मूल्य में भी सरकार ने साल दर साल लगातार वृद्धि की है।
★ किसान क्रेडिट कार्ड को डिजिटल बनाकर किसानों की सहूलियत बढ़ायी है।
★ कोयला और स्पेक्ट्रम की ई नीलामी करके भ्रस्टाचार को दूर करने का काम किया है।
★ 2020 कर पूरे देश के राजमार्गों को रेलवे क्रॉसिंग फ्री बनाने का काम भी किया जाएगा।
★ प्रधानमंत्री ने कश्मीर में सबसे लंबी सुरंग का उद्घाटन किया था और असम में भूपेन हजारिका पुल की शुरुआत भी प्रधानमंत्री जी ने की है।
★ रेलवे आधुनिकीकरण के लिए एक लाख इक्कीस हजार करोड़ का निवेश हुआ है।
★ 23 करोड़ एलईडी बल्ब उपलब्ध करवाके लोगों के घरों में बिजली बिल में कटौती की है।
★ ग्राम सड़क योजना में हर रोज 30 किलोमीटर सड़क बन रही है।
★ उड़ान स्कीम के माध्यम से 2500 रुपये में एक घंटे की किफायती उड़ान का कार्यक्रम भी शुरू किया गया।
★ भारत के नाविक नेविगेशन सिस्टम को दुनिया के कई देश स्वीकार करने को तैयार हैं।
★ 2022 तक चार करोड़ घरों को देने का काम भी बीजेपी की सरकार करेगी।

मोदी सरकारको भी लोकलुभावन बजट चुनावी वादे करना आता है। लेकिन दलहित से देशहितको प्राथमिकता देकर उन्होंने कुछ कड़वी दवाइयां भी दी है। दीमक की तरह खोखले हो चुके अर्थतंत्र को Cosmetic Look नही Surgery की जरूरत है जो उन्होंने की है। विश्वास रखो We are in Safe Hand कुछ समय जरूर लगेंगा लेकिन हम होंगे कामियाब।

हां मोदी सरकारकी इन उपलब्धियों के साथसाथ कुछ घरेलु और बाहरी कारणों से चुनावी वादों में इच्छित सफलता नही मिल पाई है। इस बात से इनकार नही है। लेकिन सरकार की नियत में खोट नहीं है।

मोदीजी की ही महानता है की विपरीत स्थिति में शासन कर देशकी अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर विकास के पथ पर दौड़ा रहे है।

• हमें अंदाजा ही नहीं है कि देश कितना खोखला कर दिया गया है।

डिफेंस, आतंरिक सुरक्षा, विदेशनीति, आर्थिक अव्यवस्था, सामाजिक विग्रह, आस्तीन के सांप इन सबसे एक साथ निपटना बहुत दुष्कर, विवेकपूर्ण, और राजनैतिक इच्छाशक्ति का काम है।

आज हमें मोदी शासन के कारण ही देशद्रोहियों की पहचान हो रही है। देश के महत्वपूर्ण स्थान पर बैठे आस्तीन के सांप छटपटाहट से जनता के सामने नंगे हो रहे है।

वर्ना आज तक हम सबों को क्या यह सब पता था ? JNU और सुप्रीमकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों में क्या हो रहा था ? यह मोदीजिकी चाणक्य नीति है कि रोज ब रोज नये नये गद्दार सामने आते जा रहे है। मिडिया शिक्षा संस्थान, न्यायपालिका सब जगह विषधर बैठे हुए हैं।

मोदीजी के शासन में मुफ्तखोरी से निष्क्रियता औऱ क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने वाली क्षेत्रीय पार्टियों का सूर्यास्त हो रहा है। वामपंथी, समाजवादी, ब स पा का तो लगभग खात्मा ही हो गया है। अन्य राज्यो में BJP की पैठ बनने लगी है। क्षेत्रीय पार्टियों का खात्मा से राजकरण के लिए अच्छी बात है।

कश्मीरमें जवाहर लाल नहेरु द्वारा बोयागया अलगाववाद का बीज आज जटिल समस्या बनकर देश के विकास में रोड़ा अटकाये बैठा है। पाकिस्तान समर्थित आंतकवाद और अलगाववाद से राहत नही मिली है। लेकिन मोदीजिकी कुटनीति के चलते, पाकिस्तान को POK और आंतकवाद के मामले में विश्वमे अलगथलग कर दिया है। कश्मीर में अलगाववादीयो पर सैन्य को कड़क कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आंतकवादियों का सफाया भी हो रहा है। सर्जिकल स्ट्राईक से पाकिस्तान को कड़ा संदेश और विश्वको अपनी ताकत का परिचय भी।दिया है। परंतु समस्या विकराल है और इसके समाधन के इच्छित परिणाम भी नही मिले है। हम लोकतांत्रिक राष्ट्र है यह बात नही भूलना चाहिए। लेकिन इच्छा शक्ति प्रबल है, नियत में खोट भी नही है। सो समाधन जरूर मिलेंगे। यहाँ हमे धैर्य से हमारी सेना पर विश्वास रखकर उनका हौसला अफजाई करना होंगा।

क्योंकि शत्रु केवल सीमापार नही बैठा है घरेलू शत्रु से भी प्रत्येक मोर्चे पर युद्ध करना पड़ता है। देशमे विविध क्षेत्रमे छुपे हुए 'जयचंदो' से लड़कर देश को सुरक्षितता प्रदान करना यह विश्वमे एक अनोखी बात है।
इन सबके बीच अपने को सुरक्षित रखते हुए देश को सुरक्षित करने का काम मोदी जी कर रहे हैं।

हमें पूरा विश्वास है कि मोदी हमारी आशाओं, आकांक्षाओं को निश्चित ही पूरा करेंगे। ये दौर इन विषधरों के दांत तोड़ने का है।

मोदी जी को हमारे सार्थक समर्थन की आवश्यकता है। धैर्य के साथ मोदी के साथ खड़े होने की आवश्यकता है।

जल्दबाजी और हड़बड़ाट से हम मोदी को ही नहीं खोएंगे अपितु उन्ही दरिंदों के हाथों में देश और अपनी संतानों के भविष्य को सौंप देंगे।

सत्ता की ताक में बैठे बहेलिये यही चाहते हैं और हमें गुमराह कर रहे हैं।
दुश्मन जो चाहता है वैसा ही करेंगे तो पराजय और दुर्भाग्य निश्चित है। वे हमारी हिंदु एकता को जातिवादसे तोड़ने में कहीं कहीं सफल भी हो रहे है। इनसे अपनेआपको और अपनो को बचाना है।

मोदी सरकार के 'स्वच्छ भारत अभियान' को हमारी मानशिक सोच के कारण इच्छित जमीनी सफलता नही मिल पाई है। लेकिन छद्म सामाजिक चोला ओढ़े देशद्रोही NGO, प्रशासनिक, राजकीय क्षेत्रमे ग़द्दारों का सफाया करने के स्वछता अभियान को अप्रत्याक्षित सफलता मिली है। इस सफाई अभियान की सफलता से तिलमिलाकर NGO चलाने वाले, एवार्ड वापसीगेंग, अफजलप्रेमी गेंग, मोमबत्ती गेंग, बडीबिन्दी गेंग, लोकतंत्र खतरेमे बताने वाले सुप्रीम कोर्ट के मिलोर्ड वामपंथियों नॉकरशाही जैसे देशका कचरा धीरेधीरे अपनेआपमे सबकी नजरों में आने लगा है।

कोंग्रेस के शासन कालमे राजनीतिक गठजोड़ के चलते देश के महत्वपूर्ण JNU जैसे शिक्षण संस्थानों में वामपंथियों ने अपनी पैठ बनाई थी जिसकी। जड़ें अभी पूर्णतः कटी नही है। लेकिन सुप्रीमकोर्ट जैसे न्यायपालिका के सर्वोच्च मंदिर वामपंथीयो के गढ़ बन गए ते वह अब धीरे धीरे ढहने लगे है। यह छटपटाहट स्पष्ट दिखाई दे रही है कि चोट गहरी और निशाने पर लगी है। दशकों से जमी हुई दीमक को साफ करने में समय लगेगा। यह कोई रातोरात सफाई हो जाने वाला काम नही है। न्यायपालिका में, प्रशासनिक कार्यशैली औऱ नॉकरशाही में लालफीताशाही के चलते मोदी सरकारकी कल्याणकारी योजनाओं में समयबद्ध परिणाम नही मिल पा रहे है। यह भी सरकार की विफलता के कारण बनते है।

लेकिन ये सब आपको बताने से क्या फायदा, क्योंकि हमारी समझ में यह बाते नही आने वाली !!!

चुनावहित को नही परंतु राष्ट्रहित को लक्ष में रखकर नोटबंदी, GST, सब्सिडि नाबूदी जैसे साहसिक किंतु राजनीतिक आत्मघाती फैसले लेनेवाले मोदीजी को हम क्या समज पायेंगे ???

क्योंकि हमें तो मुफ्तखोरी की लत जो लग चुकी है। अकर्मण्यता और मुफ्तखोरी हमारे खुनमे बस चुकी है। चुनावमे मुफ्त मुफ्त मुफ्त सुनकर वोटिंग करने वाली मुफ्तखोर प्रजाको यदि :
■ सरकार आपके बैंक खातों में 15 लाख रु खैरात रूपी जमा करा दे तो मोदी सरकार बहुत अच्छी है ।
■  सरकार सभी कर्जदारों का ऋण माफ करा दे तो सरकार बहुत अच्छी है।
■ सरकार सभी को सरकारी नौकरी दिला दी तो बहुत अच्छी है।
■ सरकार मुफ्त भोजन, मुफ्त यात्राएं, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त आवास दिलाती रहे तो बहुत अच्छी है।
■ सरकार घर के सभी सदस्यों को पेंसन देती रहे कोई काम करने को न कहे, कोई अपने सरकारी काम काज पर न जाये घर बैठे सैलरी आती रहे, जी भर के घूसखोरी करती रहे, भर्ष्टाचार पर कोई अंकुश न हो  तो सरकार अच्छी है !!!
■पिछली कोंग्रेस सरकारमे आपको उपरोक्त मुफ्तखोरी घर बैठे ही मिलती थी न ???
■ #खाओ_और_खानेदो ऐसी सरकार बहुत अच्छी है। लेकिन न खाऊंगा न खाने दूंगा यह कहने वाले मोदी सबके मजाकपात्र बन रहे हैं।
■ कभी सोचा है की देश लूटकर विदेशीबेंक खाते छलकाने वाले भर्स्ट राजनेता औऱ राजनीतिक पार्टियां आपको मुफ्त कहां से देनेवाली है ??
आज सोशियल मीडिया पर मोदीजिको कोसने का ट्रेन्ड चल पड़ा है।
■ रेकडी पर स्वरोजगार करने वाले को सन्मान दिलवाने वाले मोदीजी पर हम लोग विपक्ष के साथ पकोडवाली पोलोटिक्स करने लग जाते है।
■ कुछ समय से सोशियल मीडिया ट्विटर पर छद्म नामो और ID से एकाउंट खोलकर कोंग्रेस समेत विपक्ष मोदीजी के विरुद्ध जोरशोर से।एक्टिव हो गया है। जो आनेवाले चुनावों में BJP के लिये चुनोती खड़ी कर सकता है।
■ हालके उपचुनाव में कोंग्रेसको मिली जीत से उनका होंसला बढ़ा है। स्वस्थ राजनीति कर चुनाव में हारना जीतना खेलदिली से देखना चाहिए। लेकिन हिंदु विरोधी कोंग्रेस हिंदु ओ को ही जातिवादमे जगड़ाकर अपना हमे उल्लू बनाकर अपने मकसद में कामयाब होती है यह देखकर अंतःकरण टूट जाता है।

मित्रों,
राष्ट्रजीवन में यह सुवर्णकाल बारबार नही आता पिछली 800-1000 सालो के बाद यह सुयोग आया है। राष्ट्रहित सर्वोपरि मानने वाला नेतृत्व भारत को मिला है। योगेश्वर श्रीकृष्ण कथित भगवद्गीता के शाश्वत सिध्दांत अनुशार :

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदाऽऽत्मानं सृजाम्यहम्४/७

परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे।। ४/८

भावार्थ : हे भरतवंशी अर्जुन जबजब धर्मकी हानि और अधर्मकी वृद्धि होती है तबतब ही मैं अपनेआपको साकाररूपसे प्रकट करता हूँ। 4/7
साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूँ। 4/8

महाभारत के युद्धमें भगवान श्रीकृष्ण ने हथियार नही उठाया था। जब दुर्योधन और अर्जुन दोनों प्रतिद्वंद्वी श्रीकृष्ण के पास युद्धमें मदद मांगने के लिए गए थे तब उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था की एक तरफ मैं स्वयं नि:शस्त्र रहूंगा,और दूसरी तरफ मेरी यदुवंशी सेना रहेंगी इन दोनों में से चुनाव के रूपमे दुर्योधन कौरव पक्षमे शस्त्र यदुवंशी सेना का चुनाव किया था। और दूसरी तरफ निःशस्त्र श्रीकृष्ण युद्धमें न स्वयं न लड़नेकी शर्त से पांडवों के पक्षमे रहे थे।

इतना ही नही महाभारत के युद्धमें कपटी कौरवोंके तरफ ११ अक्षोहिणी सेना थी। जबकि स्वयं योगेश्वर श्रीकृष्ण जिसके पक्ष में थे ऐसे सत्यनिष्ठ पांडवों के पक्ष में केवल ७ अक्षोहिणी सेना थी।

महाभारत के युद्ध और भगवद्गीता से हमे सबक लेना है की स्वयं योगेश्वर श्रीकृष्ण के कथनानुसार ४थे अध्याय के ७ वे श्लोक अनुशार "यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत.... को समजे तो जबजब धर्मकी हानि और अधर्मकी वृद्धि होंगी तबतब मैं स्वयं आऊंगा - याने भगवान कौनसे रूपमे आएंगे यह सारगर्भित है भगवान कोई ४ हाथोवाले शंख चक्र गदा लेकर तब भी नही जन्मे थे न आज जन्मने वाले है, तत्कालीन समाज भी श्रीकृष्ण को स्वयं योगेश्वर के रूपमे नही पहचान पाया था न आज पहचान पायेगा। यदि तत्कालीन समाज पहचान गया होता तो 'महाभारत' ही न होता। यह बात आज कौन और कितने समज रहे है।
और  इसके बाद ४थे अध्याय के ८ वे श्लोक में भी स्पष्ट कहा है। "परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्.... अर्थात साधु याने सरल, सात्विक प्रकृति के लोग जो धर्म की स्थापना और अधर्म का नाश करना चाहते है.... इतना ही नही इसके लिए सातत्य से प्रयत्नशील होंगे उनकी रक्षा, मदद, आस्वासन उन्हें हिम्मत देने औऱ उनका उध्दार करूँगा, यह भगवान का धरती पर अवतरण करने का मुख्य कारण है, बाकी अधर्मियों का पराभव या विनाश यह secondary कारण ह इसलिये तो पहले परित्राणाय साधूनां... और विनाशाय च दुष्कृताम् यह बाद में कहा है। 

केवल कंस, जरासंघ, रावण या दुर्योधन जैसे अधर्मियों और दुराचारियों को मारने के लिए भगवान को धरती पर अवतरण करने की जरूरत नही थी। यह कार्य तो जन्म-मृत्य के सिद्धांत अनुशार बिना अवतरण ही हो सकता था। हमारे सनातन वैदिक तत्वज्ञान के अनुशार भगवान का अवतरण, जीवन और कथन यह मानवजीवन के लिए Demonstration दिशानिर्देश है।

सर्वशास्त्रमयी गीता के तत्वज्ञानको समझना, यह गीता वेद उपनिषदों का सातत्यपूर्ण स्वाध्यायसे तीक्षण बुद्धि से ही संभव है। हमारे ऋषि मुनि मनीषियों प्रमाणिकता से स्वीकार करके कहते है कि सर्वशास्त्रमयी गीता को हम पूर्णतः नही समज पाये है। तो मेरे जैसे सामान्यों का गीताज्ञान पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नही है। और यह धृष्टता मैं कैसे कर सकता हूँ ? यह तो महापुरुषो से जो कुछ जाना समजा है यह अल्पज्ञान का संदर्भ वर्तमान स्थिति को समजने समजाने के प्रयास के रूपमे कर रहा हूं। की वर्तमान में देशकी स्थिति के इस देशभक्ति और देशद्रोही विचारधारा में हमे किसके पक्ष में खड़े रहकर किसका साथ देना है ???
लोकतंत्र या वंशतंत्र ?
राष्ट्रभक्ति या परिवार भक्ति ?
राष्ट्रभक्त या राष्ट्रदोह
यह विवेक जागृति हेतु भगवद्गीता का संदर्भ लिया है।

हम सामान्य जन भगवत् संकेत तो नही समज सकते लेकिन भगवत् संदेश को समज सकते है। वर्तमान #भारत_के_महाभारतमें कहाँ और किसके पक्षमे खड़ा रहना यह हमारे विवेक पर आधारित है। गीताका मेरा अल्पज्ञान ही सही लेकिन इतना निश्चित है की

यत्र योगेश्वर: कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर:। 
तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम॥ १८/७८

भावार्थ: जहाँ योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण हैं और जहाँ गाण्डीव-धनुषधारी अर्जुन हैं, वहाँ ही श्री, विजय, विभूति और अचल नीति है - ऐसा मेरा मत है।

गीता का यह ७०० वा एवं आखरी श्लोक, पूरी गीता को महाभारत की युद्धभूमिसे दिव्यदृष्टि द्वारा देख-सुन और अंत मे समजकर पूर्णतः निश्चित होकर, यह आखरी श्लोक कौरवों के पिता धृतराष्ट्र का सारथी संजय अपने महाराज से कह रहा है।

वैश्विक सत्य है कि कोई व्यक्ति या विचार को चिरंतन काल तक स्थिर होकर सिद्धांत बनना हो तो उसे निम्न पांच कसौटियों पर परखना पड़ता है। तब जाकर वह विश्वमान्य चिरंतन सिद्धांत बनता है।
1  उपेक्षा
2  उपहास
3  विरोध
4 आवकार
5 अनुकरण
मोदीजी अभी इन्ही पांच कसौटियों से गुजर रहे है। इसमें चिंता या निराशा की कोई।बात नही है। कसौटी हमेंशा सोने की होती है। पित्तल की कसौटी की जरूरत नही है क्योंकि हम उसे पित्तल समजकर ही खरीदते है।
शरू में मोदिजी की #उपेक्षा हुई एक क्षेत्रीय साम्प्रदायिक नेता बोलकर भारत और विदेशो में उपेक्षा हुई। यहाँ तक कि अमेरिका ने मोदीजी को विझा देने से भी इनकार कर दिया था। आज अमेरिका में क्या स्थिति है यह हम सब जानते है। वर्तमान में मोदीजी का #उपहास और #विरोध हो रहा है। यही वर्ग एक समय इन कसौटियों पर परख कर मोदीजिको #आवकार्य कर उनका #अनुकरण करेंगा और वह बहुमान्य से सर्वमान्य बनेंगे।

हमे तो आज भी अपने राष्ट्र, सरकार और प्रधानमंत्री पर पूर्ण विश्वास और गर्व है। जिनके अथक प्रयास से भारत विश्वगुरु के रूपमें प्रस्थापित हुआ है और वह स्वयं विश्वनेता के रूपमे।

*जागते रहो, जगाते रहो*.....
स्वंय जागरूक बने....औरों को भी जागरूक बनाईये
यह देश आपका भी है......देश के लिए इतना तो कीजिये
राष्ट्र हित में इस पोस्ट को शेयर कीजिये, कॉपी पेस्ट कीजिये कुछ भी कीजिये पर देशवासियों तक पहुंचाइये।

फेसबुक, ट्विटर पर पल रहे काँग्रेसियों, वामपंथियों और काँग्रेस की अवैध सन्तानों के प्रलापों से जनता को सावधान कीजिये।

2019 ही 2024 में भी मोदी ही चाहिये

वन्देमातरम*🇮🇳 जय हिंद

ऐसे इशप्रेषित महामना प्रधानमंत्री मोदीजी को कोटि कोटि प्रणाम।
🙏🙏🙏

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