मेरा देश बदल रहा है

विश्व आर्थिक मंच दावोस स्विट्जरलैंड 23.1.2018
मित्रो,
कल विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन, दावोस स्विट्जरलैंड में हमारे प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदीजी के उद्घाटन भाषणकी राहुल गांधी की प्रतिक्रिया से मुझे कोई आश्चर्य नही हुआ।


कल दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन के उद्घाटन भाषण को सुनकर केवल मेंरीे ही नही परंतु सभी देशभक्त नागरिकों की छाती गजभर फूलकर अपने आपको सबने गौरनावित अनुभूति किया है।

विश्व अब अन्तःकरण से भारतका महत्व और सनातन मूल्यों को समझने लगा है। और यह गौरव भारत ने मात्र 3 सालो की अल्पावधि में हमारे प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी के पुरुषार्थ और करिश्माई नेतृत्व से पाया है यह बात विश्व स्वीकारने लगा है। केवल भारत ही नही वैश्विक फलक पर  नरेंद्र मोदीजी भारतके प्रधानमंत्री के साथ साथ व्यक्ति के रूपमे विश्वमे अपनी पहेचान बनाकर सबके दिलोदिमाग में एक विशेष स्थान बनाते जा रहे है। हाल के वैश्विक सर्वे में विश्व की सबसे बड़ी दो महासत्ता अमेरिका और रशिया के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन को पीछे छोड़ विश्वके सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली राष्ट्राध्यक्षो (PM/Pr.) में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

इतने बड़े वैश्विक आर्थिक मंच के सामने मोदीजी ने न केवल भारत का गौरव बढ़ाया है, साथसाथ UNO और ऐसे वैश्विक मंच पर बारंबार राष्ट्र भाषा हिंदी में भाषण देकर विश्व फलक पर राष्टभाषा हिन्दी का गौरव बढ़ाया है। केवल इतना ही नही आर्थिक मंच से उन्होंने हमारी आध्यात्मिक विरासत #सनातन_वैदिक_संस्कृति के मूल्यों द्वारा सुख, समृद्धि और शांति से जीवनकी समग्रता और संपूर्णता पाने के लिए विश्व को  भारतमे आकर निवेश करने का न्योता देकर, वहाँ उपस्थित सभी महानुभावोके दिलोदिमाग पर छा गये है।

आर्थिक समृद्धि पाने के लिये आध्यात्मिक मूल्यों से व्यक्तिजीवन, समाजजीवन और राष्ट्रजीवन में सुख, समृद्धि और शांति पाकर जीवनकी समग्रता और संपूर्णता पाने वाली बात अपनेआपमे अनुपम और अप्रतिम है। इस बात की प्रतीति स्वरूप सम्मेलन में सभी सहभागिओने खड़े होकर हमारे प्रधानमंत्री मोदीजी को #Standing_Ovation अभिवादन किया है। यह बात हमारी राष्ट्रीय अस्मिता ओर #मेरे_देशको_विश्वगुरु बनाने की दिशा में आगेकुच्च शाबित होंगी।

कल दावोस में वैश्विक आर्थिक मंच के उद्घाटन समारोह के द्रश्य और भाषण सुनकर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया मेरी दृष्टि में अप्रत्याशित नही थी। शासक पक्ष के नेता की इतनी उपलब्धियां प्रभाव एवं लोकप्रियता देख विरोधीदलों के नेताओं में उनके प्रति द्वेष, ईर्षा, असूया भाव जागना स्वाभाविक है। इनकी निकृष्ट राजनीति और अहम के चलते मोदजीकी सिद्धियों, उपलब्धि पर प्रशंसा या सुभेक्षा न देना इनकी मजबूरी हो सकती है। लेकिन जो दूसरों का मान सन्मान नही देते वह दूसरों से सन्मान और प्रतिष्ठा की उमीद कैसे रख सकते है ??? यह तो Simple give & take वाली बात है।

कल के मोदीजिके प्रवचन पर राहुलगांधीकी प्रतिक्रिया स्वरूप प्रश्न : भारत की 73% संपत्ति, भारतके 1% जनता के पास ही क्यों ?
राहुलगांधी को देश से प्रश्न : आपका प्रश्न उच्चित है ! लेकिन 
क्या यह 73% संपति केवल मोदीजिके शासन काल मे निर्मित हुई है ???
क्या ईस 1% में आप माँ बेटे नही आते ???
आपका कौनसा बिजनेस या उद्योग है कि आपके खानदान ने यह बेशुमार दौलत अर्जित की है ??? 
सवाल अनगिनत है जवाब नही दे पाओंगे जनता अब सब कुछ जान चुकी है, पहचान गई है। अब किसीके बहकावेमे आनेवाली नही है। हाँ तुम्हारे प्रश्न के जवाब अब चुनाव दर चुनाव मिलते जाएंगे।


हमारे देशके मोदिविरोधी नेता उन टिक्का टिप्पणी करते वक्त यह भूल रहे है कि कल तक विश्व जिन्हें कट्टर साम्प्रदायिक राजनेता समजकर जिसके लिए अपने देशके दरवाजे बंध कर बैठा था, वही राष्ट्र आज उनके सन्मानमे पलकपावड़े बिछाये प्रोटोकॉल तोड़ उनके स्वागत करता है। यह केवल नरेंद्र मोदी का नही हमारे राष्ट्रका सन्मान है।

मोदीजी पर तानाशाह, नीच, चायवाला आदि गंदे और भद्दे आरोप लगनेवाले श्रीमान राहुलगांधी यह भूल रहे है कि मोदीजि उनकी तरह स्वयं निर्वाचित शासक नही है !!! लोकतांत्रिक पद्धति से विश्वकी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी BJP के पूर्ण बहुमतवाली सरकार द्वारा चुने गए शासक है।

राजनीति में सत्ताधिष्ठ और विपक्ष के बीच में व्यक्तिगत या पार्टिकी नीतियों पर  आलोचना, आरोप प्रत्यारोप, ताने देना, तंज कसना वगेरे चलता रहता है, आम बात है। लेकिन समूचा विपक्ष जब अपनी भूमिका भूलकर दुश्मनो के साथ मिलकर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने लगे तो जनता उनपर विश्वास क्यों करे ???

कोंग्रेस समेत विपक्ष को
CBI पर विश्वास नहीं
हमारी सेना पर विश्वास नही 
चुनाव आयोग पर विश्वास नही
वैश्विक रेटिंग एजेंसी पर विश्वास नहीं
चुनिंदा जजो को छोड़ न्यायतंत्र पर विश्वास नही
और तो और हार जाने पर जनता पर विश्वास नही

गाय काटकर खाने और समर्थन करने वाली, हिंदु को आंतकवादी बताने वाली कोंग्रेस मंदिर, और हमारी सनातन संस्कृति को कपड़े की तरह सुविधानुशार वापरने वालो पर 
जनता #विश्वास क्यों करें ???


आज की पोस्ट पढ़कर कोई मुझे #मोदीभक्त कहेतो यह मेरे लिये यह सन्मान और गौरव की बात है।

#मेरा_देश_बदल_रहा_है

Comments

Popular posts from this blog

नेहरु खानदान का घिनौना चरित्र

षोडश संस्कार एवं विवाह संस्कार

हिमालय दर्शन