आधुनिक बाजीराव अजित डोभाल


चाणक्य जैसा दिमाग और बाजीराव जैसा हौंसला ... 
एक वो बाजीराव था जो कहा करता था मैं दिल्ली जीत सकता हूँ ... 

एक अजित डोभाल है जो कहते है की मैं इस्लामाबाद जीत सकता हूँ ...


श्री अजित कुमार डोभाल Ajit Kumar Doval KC, PM, PPM, IPS  (Retd.)  
(KC कीर्तिचक्र, PM पुलिस मैडल, PPM प्रेसिडेंट पुलिस मैडल, IPS भारतीय पुलिस अधिकारी (सेवानिवृत्त))
वर्तमान 2014 से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भारत सरकार
धारा 370 हटाकर कश्मीर क्रांति का प्रशंसनीय एवं अद्वितीय कार्य के लिये पर्देपर के महानायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं गृहमंत्री अमितशाह की टीम का तो आज विश्व गुणगान करते थक नही रहा है, लेकिन इस सिद्धि के लिये पर्दे के पीछे रहकर इसे जमीनी वास्तविकता देने वाले अन्य महानायको को भी नही भूलना चाहिए। ऐसे महानायक में से एक है ' श्री अजित डोभाल '

कौन है ... और क्या है जानें असली जिंदगी के बारे में कुछ ख़ास बातें :

अजित डोभाल का जन्म 1945 में उत्तराखंड में 20 जनवरी 1945 गिरि बानसेल्युन, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड, भारत  में गुणानंद डोभाल नामक ब्राह्मण गढ़वाली परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर के मिलिट्री स्कूल से पूरी की थी, इसके बाद उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में MA किया और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद वे IPS की तैयारी में लग गए। कड़ी मेहनत के बल पर वे केरल कैडर से 1968 में आईपीएस के लिए चुन लिए गए।
  • 1945 में एक गढ़वाली उत्तराखण्ड ब्राह्मण परिवार में जन्म। पिता गुणानंद डोभाल  आर्मी में ब्रिगेडियर थे। 
  • राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, अजमेरमें प्रारंभिक शिक्षण।
  • इसके बाद 1967 उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय  से अर्थशास्त्र में MA किया और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद वे IPS की तैयारी में लग गए।
  • 1968 में IPS का Exam टॉप किया। केरल Batch के IPS Officer बने।
  • 17 साल की Duty के बाद ही मिलने वाला Medal 6 साल की Duty के ही बाद मिला। अजीत डोभाल पुलिस मेडल पाने वाले सबसे कम उम्र के पुलिस अधिकारी हैं। वैसे तो एक पुलिस अधिकारी को मेडल प्राप्त करने के लिए डेढ़ दशक का समय लग जाता है।
  • वर्ष 1987 में, ऑपरेशन ब्लैक थंडर के दौरान, अजीत डोभाल पाकिस्तानी Agent बनकर रिक्शा चालक के रूप में कार्य करते हुए, अमृतसर स्वर्ण मंदिर में प्रवेश किया और महत्वपूर्ण जानकारी हाशिल की। 3 दिन आतंकवादियों के साथ रहे उन्होंने आतंकवादियों को आश्वस्त किया कि वह एक पाक ISI एजेंट हैं। आतंकवादियों की सारी Information लेकर Operation Black Thunder को सफलता पूर्वक अंजाम दिया।
  • 1988 में कीर्ति चक्र मिला। देश का एक मात्र Non Army Person है जिसे यह Award मिला है।
  • वह सक्रिय रूप से मिजोरम,  पंजाब और कश्मीर में उग्रवाद विरोधी अभियानों में शामिल रहे हैं।
  • असम गए वहां उल्फा आतंकवाद को कुचला।
  • 1999 में कंधार Plane Hijacking के समय आतंकवादियों से Dealing की।
  • अजीत डोभाल ने लगभग एक दशक तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में ऑपरेशन विंग के प्रमुख के रूप में कार्य किया है। वर्ष 2004-05 में, उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था।जनवरी 2005 में इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी IB के निर्देशक के पद से रिटायर हुए हैं। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद भी, वह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों में सक्रिय रूप से कार्य करते रहे।
  • जनवरी 2005 में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने राष्ट्रीय समाचार पत्रों, पत्रिकाओं के लिए संपादकीय लेख लिखे और प्रसिद्ध संस्थानों में राष्ट्रीय सुरक्षा पर व्याख्यान भी दिए। उन्होंने वैश्विक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़ कर योगदान दिया।
  • वह मल्टी-एजेंसी सेंटर (मैक) और संयुक्त कार्य बल (JTFI) के संस्थापक-अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने बर्मा और चीनी क्षेत्र में भी कार्य किया है। अजीत ने भारत के साथ सिक्किम राज्य के विलय में भी मदद की थी।
  • अजीत डोभालने एक रोमानियाई राजनायिक लिवियू राडू के बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे ‘खालिस्तान लिबरेशन फोर्स’ (KLF) ने पकड़ लिया था। जिन्हे KLF के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए एक प्रतिशोध के रूप में कैद कर लिया गया था, जो रोमानिया के तत्कालीन भारतीय राजदूत, जूलियो फ्रांसिस रिबेरो की हत्या के प्रयास के प्रमुख संदिग्ध थे। उस समय डोभाल पंजाब में ‘ऑपरेशन ब्लैक थंडर’ में कार्य कर रहे थे।
  • डोभाल ने पाकिस्तान में भारत के लिए एक अंडरकवर एजेंट के रूप में सात साल बिताए। जहां वह एक पाकिस्तानी मुसलमान के रूप में रह रहे थे। उस समय अजीत ने पाकिस्तान की ख़ुफ़िया जानकारी भारत को दी। पाकिस्तान में जासूस के तौर पर तैनाती के दौरान पाकिस्तान आर्मी का विस्वास जीतकर आर्मी में मार्शल की पोस्ट तक पहुंचे और 6 साल भारत के लिए जासूसी करते रहे।
  • वर्ष 1990 में, उन्हें कश्मीर भेजा गया, जहां उन्होंने कूका पार्रे जैसे आतंकवादियों को भारत-विरोधी गतिविधियों को खत्म करने के लिए साहसिक प्रयास किया। वर्ष 1996 में, अजीत ने जम्मू कश्मीर में राज्य चुनाव के लिए कूका पार्रे को समझाने का महत्वपूर्ण कार्य किया था।
  • इनके कार्य और RSS के समीप होने के कारण मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही 30 मई 2014 को भारत के 5 वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार NSA (National Security Advisor) के रूप में नियुक्त किया।
  • अक्टूबर 2018 में, उन्हें रणनीतिक नीति समूह (SPG) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। एसपीजी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में त्रि-स्तरीय सुरक्षा का पहला स्तर बनाती है।
  • बलोचिस्तान में RAW फिर से Active की, बलोचिस्तान का मुद्दा International बनाया।
  • वर्ष 2014 में, अजीत ने Iraq में ISIS ने किडनैप की गई 46 भारतीय नर्सों की रिहाई में महवपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्हे इराक में बंदी बनाया गया था। जहां उनका अपने परिवार वालो से भी संपर्क टूट गया था। डोभाल खुद इराक गए ISIS से पहली बार Hostages ज़िंदा बिना बलात्कार हुए (महिला) को लेकर वापिस लौटे।
  • राष्ट्रपति पोलिस अवार्ड से सन्मानित किया।
  • भारत की Defence Policy को Agressive बनाया। भारत की सीमा में घुस रहा पाकिस्तानी Ship बिना किसी Warning के उड़ाया।
  • कश्मीर में सेना को खुली छूट दी Pallet Gun सेना को दिलवाईं, पाकिस्तान को दुनिया के मुस्लिम देशों से ही तोड़ दिया।
  • नागालैंड के आतंकवादियों से भारत की इतिहासिक Deal करवाई, आतंकवादी संगठनों ने हथियार डाले।
  • 2015 मई में बर्मा में भारत के पहले सर्जिकल Operation को अंजाम दिया। भारत की सेना Myanmar में 5 किमी तक घुसी 50 आतंकवादी मारे।
  • 2016 Indian Line of Control Surgical Strike, 28-29 September 2016  आज़ाद भारत के इतिहास का 1971 के बाद सबसे ऐतिहासिक दिन, डोभालके नेतृत्वमें बुने गए Surgical Operation को सेना ने दिया अंजाम, PoK में 3 किलोमीटर घुसे, 40 आतंकी और 9 पाकिस्तानी फौजी मारे, दोनों Surgical Strikes में Zero Casuality.
  • 26 February 2019 Balakot Airstrike भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक 2 की, बालाकोट में आतंकियों के कैंप पर 1000 किलो बम बरसाएं, इस ऑपरेशन में एयरफोर्स के 12 मिराज फाइटर प्लेन शामिल थे। इस बड़ी कार्रवाई में करीब 300 आतंकवादी मारे गए हैं और इसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर का बहनोई यूसुफ अज़हर भी मारा गया है।
  • इनके ही प्रयासों से सबीर देवबर्मा के नेतृत्व में चल रहे अलगाववादी संगठन ' द नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा ' (NLFT-SD)’ ने शनिवार (अगस्त 10, 2019) को ‘ मेमोरेंडम ऑफ सेटलमेंट’ पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही इस उग्रवादी संगठन के 88 सदस्य अपने-अपने हथियारों के साथ 13 अगस्त 2019 को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर देंगे।
  • उन्होंने दिसंबर 2009 में राष्ट्रवादी ' विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन ' की स्थापना की।
उनकी सेवा की कद्र करते हुए भारत सरकार ने उन्हें कई पुरस्कारों सन्मानित किये है :

पुरस्कार एवं सम्मान (Awards)
  • पुलिस मैडल प्राप्त करने वाले सबसे युवा पुलिस अधिकारी
  • राष्ट्रपति पुलिस मैडल
  • कीर्ति चक्र प्राप्त करने वाले पहले पुलिस अधिकारी

व्यक्ति गत जीवनमे उन्होंने अनु डोभाल से विवाह किया, जिससे उनके दो बेटे हैं, विवेक डोभाल और शौर्य डोभाल। विवेक डोभाल एक वित्तीय विश्लेषक हैं। जिन्होंने यूनाइटेड किंगडम की नागरिकता प्राप्त कर रखी है और सिंगापुर में रहते हैं। उनके दूसरे बेटे शौर्य डोभाल एक भारतीय राजनेता हैं।

वर्तमान समय में धारा 370 हटाने और J&K का विभाजन कर UT बनाने के बाद अजित जी खुल्लमखुल्ला क्श्मीर में घूमकर लोगों की प्रतिक्रिया और शान्ति कायम की प्रक्रिया दौरान आम कश्मीरियों से मिल रहे थे ... इस दौरान इनके आलोचक कहते है पैसे देकर बिरयानी खिलाने वाला काम नही कर सकता ...

राष्ट्रके महानायक अजितजी हम देशवासियों को भारतमाँ के आप जैसेे वीर सपूत पर गर्व है। कृतज्ञ राष्ट्र आपके कर्मयोग के समक्ष नतमस्तक हो कर वंदन करता है।

🙏🙏🙏

जय हिंद 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

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