विभूति दर्शन ' मार्गशीस ' मास


आज अश्विन कृष्ण पक्ष षष्ठी दिनांक ३०.१०.२०१८ मंगलवार
🕉 #कृष्णं_वंदे_जगद्गुरूम् 🕉 
मासानां मार्गशीर्षोऽहं

🙏  सुप्रभात  🙏

श्रीमद्भगवगिता में अपनी दैवीसंपदा एवं विभूति दर्शन में प्रभु ने कहा है :
#बृहत्साम_तथा_साम्नां_गायत्री_छन्दसामहम्‌।
#मासानां_मार्गशीर्षोऽहमृतूनां_कुसुमाकर:॥
(भ ग १०/३५)
भावार्थ :  गाई जानेवाली श्रुतियों में सामवेद के प्रकरणों में जो बृहत्साम नामक प्रधान प्रकरण है वह मैं हूँ। छन्दोंमें मैं गायत्री छन्द हूँ अर्थात् जो गायत्री आदि छन्दोबद्ध ऋचाएँ हैं उनमें गायत्री नामक ऋचा मैं हूँ। महीनोंमें मार्गशीर्ष नामक महीना और ऋतुओंमें बसन्त ऋतु मैं हूँ।)

श्रीमद्भगवद्गीता मे प्रभु ने कहा है #मासानां_मार्गशीर्षोऽहं "मैं सभी महिनों में मार्गशीर्ष माह हुं।" हिन्दु पंचांग के अनुसार दिपावली अश्विन माह की अमावस्या के दिन होतीं हैं। तत्पश्चात कार्तिक मास और उसके बाद मार्गशीर्ष मास का प्रारंभ होता है। सामान्य रूप से यह मास अंग्रेजी केलेंडर के अनुसार डिसेंबर महिने में आता है।

#मार्गशीर्ष को #अग्रहायण नाम भी दिया गया है। अग्रहायण का शाब्दिक अर्थ है - वर्ष का आरम्भ। अतः किसी न किसी क्षेत्र में मार्गशीर्ष से वर्ष का आरम्भ माना जाता था। अग्रहायण शब्द 'आग्रहायणी' नक्षत्र से संबंधित है जो मृगशीर्ष या मृगशिरा का ही दूसरा नाम है।

उस समय सूर्य की किरणें तिरछी आती है जिससे अत्यंत ठंडी का अनुभव होता है।आम तौर पर यह समय मन को प्रसन्न करने वाला होता है। यह समय आयुर्वेद की दृष्टि से #स्वास्थ्य_वर्धक माना जाता है। यह एक #HEALTHY_SEASON कहलाती हैं।

इस समय किसान अपनी फसलों को काटकर प्रभु को अर्पण कर कहता है कि "हे प्रभु! यह सब आपकी कृपा से मुझे प्राप्त हुआ है। मैं आपको अर्पण करता हूं।" तब भगवान प्रसन्न होकर कहते हैं "पुत्र! यह सब तो तेरी मेहनत का फल है। मैं तो #देवशयनी_एकादशी के दिन सो गया था चार माह के पश्चात अभी उठा हूं।" सब कुछ करने वाले प्रभु, यश अपने भक्त को दे देते हैं। कितना प्रेम है प्रभु का!          
     
मार्गशीर्ष माह में योगेश्वर श्री कृष्ण ने समस्त विश्व को विश्व का सर्वोत्तम ग्रंथ #श्रीमद्भगवद्गीता' का उपहार दिया है। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी के पवित्र दिन महाभारत के युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अत्यंत प्रिय सखा अर्जुन को अपनी दिव्य वाणी से गीता सुनाई और समस्त विश्व को अद्भुत ज्ञान, कर्म और भक्ति का संदेश देकर प्रेम रसपान करवाया। इसका वर्णन करना असंभव है।     

इस एकादशी को #मोक्षदा_एकादशी कहते हैं। क्योंकि श्रीमद् भगवद्गीता मोक्षदायिनी है। इस दिन गीता माता का प्रादुर्भाव हुआ है इसलिए इस दिन #गीताजयंती मनाई जाती है। विश्व का एकमात्र ग्रंथ है जिसकी जयंती Birthday मनाया जाता है।    

"हे प्रभु! हम आपकी अनुपम कृपा का क्या वर्णन करें। आपका, आपके दिव्य कार्यो का हमारे मुख से वर्णन सुरज को दिया दीखाने समान है।"      

🙏 जय श्री कृष्ण 🙏
॥हरि: 🕉 तत्सत्॥
🔆  इदं न मम  🔆
🙏🙏🙏🙏🙏
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