दीपावली २०७४.(2018)

🙏सुप्रभात, आज अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या दीपावली दिनांक २७.१०.२०१९ रविवार
🕉 कृष्णं वंदे जगद्गुरूम् 🕉   

भारतवर्ष में मनाए जाने वाले सभी त्यौहारों में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से अत्यधिक महत्त्व है। दीपावली यह पांच पर्वों का महापर्व धनत्रयोदशी, कालीचौदस, दीपावली, वर्षप्रतिपदा, और भैयादूज मिलाकर दीपमहोत्सव हैं। तमसो मा ज्योतिर्गमय अर्थात् ‘अंधेरे से ज्योति अर्थात प्रकाश की ओर जाइए’ यह उपनिषदों की आज्ञा है। इसे सिख,  बौद्ध  तथा जैन धर्म  के लोग भी उत्साह पूर्वक धामधुम से मनाते हैं। जैन धर्म के लोग इसे भगवान महावीर निर्वाण दिवस के रूप में मनाते हैं। तथा सिख समुदाय इसे बन्दी छोड़ दिवस  के रूप में मनाता है।

लंका विजय पश्चात लंका का वैभव देख लक्ष्मण ने प्रभु श्रीराम से अनुनय किया कि हम इस स्वर्णमयी लंका में कुछ समय रह जाते है ! तब प्रभु ने कहा :
अपि स्वर्णमयी लङ्का न मे लक्ष्मण रोचते।
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी॥

श्रीराम बोले, लक्ष्मण, यह ठीक है कि लंका सचमुच स्वर्ग के समान आकर्षक है, प्राकृतिक सुषमा से भरपूर है, किंतु यह ध्यान रखना कि अपनी मातृभूमि अयोध्या तो तीनों लोकों से कहीं अधिक सुंदर है।

ऐसी स्वर्णमयी लंका का वैभव त्याग कर श्री राम, लक्ष्मण, सीता मैया के साथ चौदह वर्ष के वनवास के पश्चात अपनी #जन्मभूमि_अयोध्या लौटे थे। अयोध्यावासियों अपने ह्रदयसम्राट परम प्रिय राजा के आगमन से प्रफुल्लित हो उठे थे। श्रीराम के स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाए। अश्विन  मास की सघन काली अमावस्या  की वह रात्रि दीयों की रोशनी से जगमगा उठी। तब से आज तक सभी हिंदू प्रति वर्ष यह #प्रकाश_पर्व हर्षोल्लास से मनाते हैं।

आज की विडंबना देखों की परात्पर ब्रह्म अपनी लीला हेतु जिस धरती पर सदेह अवतरित हुए थे, आज उनकी ही जन्मभूमि विवादित है !!!

दिवाली का त्यौहार हिंदुओं का मुख्य त्यौहार है। दीपावली स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है। इस दिन मां लक्ष्मी जी की पूजा आराधना की जाती है। माँ लक्ष्मी केवल उन घरों में ही प्रवेश करती है जहां सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसी मान्यता के कारण दिवाली के पहले हर घर में साफ सफाई की जाती है। दीवारों को नए रंगों से रंगा जाता है।

दशहरे के बाद से ही हर घर में सफाई का दौर शुरू हो जाता है। घर की सारी पुरानी अनावश्यक चीजों को बाहर निकालकर कबाड़ में दे दिया जाता है और घर के हर कोने की सफाई की जाती है। नए सामानों की खरीदी कर पूरे घर को सजाया जाता है। घर के द्वार पर पर रंग बिरंगे तोरण लगाए जाते हैं। आंगन में रंगोली सजाई जाती है। दीयों, मालाओं व झालरों से सजावट की जाती है। हर एक की चाहत होती है कि मां लक्ष्मी उनके घर में प्रवेश करे, इसलिए घर को मंदिर की तरह स्वच्छ और पवित्र बनाया जाता है।

दीवाली लक्ष्मी पूजा  के दौरान देवी लक्ष्मीजी की उपस्थिति में नई खाता पुस्तकों जिसे चोपड़ा कहते है, उनका शुभारम्भ किया जाता है और लक्ष्मीजी के आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है। इस धार्मिक उत्सव को चोपड़ा पूजन के नाम से जाना जाता है। वित्तीय वर्ष को लाभदायक बनाने के लिए चोपड़ा पूजा के दौरान नई खाता पुस्तकों पर शुभ चिह्न बनाये जाते हैं।

भौतिक जीवनयापन की दौड़ में अपनों से दूर रहने वाले स्वजन छुट्टियां निकाल कर अपने परिवार के साथ मिलकर नये वस्त्र परिधान से सुसज्ज होकर दीपावली का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाते है। इस वख्त बच्चें बडों के साथ मिलकर फटाके फोड़ते है। मित्र स्नेहियों को मिठाइ, भेंट सौगाद दी जाती है। कर्मचारियों को दीपावली का बोनस भेंट दिया जाता है। कुल मिलाकर दीपावली त्योहार गतानुगतिकता से चलने वाले जीवन में एक नई ऊर्जा भरकर गतिमान बनाता है।

सूर्य के अस्त होते ही सर्वत्र अंधकार फैलता है। अंधकार की छाया को पृथ्वी पर फैलते कौन रोकेगा ? सूर्य का स्थान कोन लेंगा ? सूर्य की तरह सतत जलते रहकर प्रकाश कौन देंगा ?

आखिर दो पैसा का मिट्टीका दीपक एक कोने से नम्रता से सूर्यनारायण को कहता है।  भगवन् मैं करूंगा ! मैं करूंगा ! मैं करूंगा ! मिट्टी का दीपक सूर्य का काम करने के लिये तैयार हुआ। यथा शक्ति, तेल और बाती को जलाकर, अपना सर्वस्व अर्पण कर, प्रकाश देने वाले दीपक को क्या हम नमःस्कार न करें ? यह छोटासा दीपक हमें प्रेरणा देता है: ' भले ही तू छोटा हो, भले ही तेरा सामाजिक मूल्य दो पैसे का हो, फिर भी तू जलने की तैयारी रख, हिम्मत दिखा, तू भी प्रकाश दे सकेगा, तुही वह कर सकेंगा। '

दीपावली दीपों का त्योहार है। सत्य मेव जयते सत्य की सदा जीत होती है, झूठ का नाश होता है। अंधकार से प्रकाश की और जाने का प्रकाशपर्व है।
 🕉 असतो मा सद्ग्मय।
             तमसो मा ज्योतिर्गमय।
                   मृत्योर्मा अमृतं गमय॥
                        🕉  शांति शांति शांति:॥

तेजस्विता से निष्काम कर्मयोग की प्रेरणा देनेवाले मिट्टी के छोट से दीपक से  YES I CAN की प्रेरणा लेकर आत्मविश्वास बढ़ाकर जीवन में  यशस्वी बनें यही आज के दिन तेजस्वी जीवन की ढेरों शुभकामनाएं एवं हार्दिक अभिनंदन।

🙏 जय श्री कृष्ण 🙏

॥हरि: 🕉 तत्सत्॥

🔆  इदं न मम  🔆

🙏🙏🙏🙏🙏


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