भाईदूज - यमद्वितीया
🙏 सुप्रभात, आज कार्तिक शुक्ल भाईबीज 🙏
पांच पर्वो के महापर्व दीपावली महोत्सव की शृंखला के अंतिम भाई दूज पर्व पर शुभकामनाएं एवं अभिनंदन
भाई दूज (यम द्वितीया) कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाई जाती है। रक्षा बंधन की तरह भाई दूज का पर्व भी भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक है। इसे #भाईबीज, #यम_द्वितीया, #भ्रातृ_द्वितीया आदि नामों से मनाया जाता है। रक्षाबंधन में भाई अपनी बहन को सदैव उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं वहीं ' भाईदूज ' के मौके पर बहन अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन यम देव अपनी बहन यमुना के बुलावे पर उनके घर भोजन करने आये थे। यही कारण है कि इस दिन भाइयों का अपनी बहन के घर जाकर भोजन करना शुभ माना जाता है।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया यानी दीपावली के दूसरे दिन मनाये जाने वाले इस त्योहार के दौरान बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती है। इसके बाद भाई शगुन के रूप में बहन को उपहार भेंट करता है। यह त्योहार बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और नेपाल सहित अन्य जगहों पर अलग-अलग नामों से प्रमुखता से मनाया जाता है।
भाईदूज के दिन यमुना नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ब्रजमंडल में इस दिन बहनें भाई के साथ यमुना स्नान करती हैं जिसका विशेष महत्व बताया गया है। भाई के कल्याण और वृद्धि की इच्छा से बहनें इस दिन कुछ अन्य मांगलिक विधान भी करती हैं। यमुना तट पर भाई-बहन का समवेत भोजन कल्याणकारी माना जाता है।
इस त्योहार का संदेश यही है कि भाई-बहन के बीच प्यार हमेशा बना रहना चाहिए। चाहे दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में कितने ही व्यस्त क्यों न हों लेकिन एक-दूसरे के साथ कुछ पल तसल्ली के जरूर गुजारने चाहिए। यही भावजीवन है।
🙏 जय श्री कृष्ण 🙏
॥हरि: 🕉 तत्सत्॥
🔆 इदं न मम 🔆
🙏🙏🙏🙏🙏
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पांच पर्वो के महापर्व दीपावली महोत्सव की शृंखला के अंतिम भाई दूज पर्व पर शुभकामनाएं एवं अभिनंदन
🕉 #कृष्णं_वंदे_जगद्गुरूम् 🕉
भाईदूज - यमद्वितीया
भाई दूज (यम द्वितीया) कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाई जाती है। रक्षा बंधन की तरह भाई दूज का पर्व भी भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक है। इसे #भाईबीज, #यम_द्वितीया, #भ्रातृ_द्वितीया आदि नामों से मनाया जाता है। रक्षाबंधन में भाई अपनी बहन को सदैव उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं वहीं ' भाईदूज ' के मौके पर बहन अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन यम देव अपनी बहन यमुना के बुलावे पर उनके घर भोजन करने आये थे। यही कारण है कि इस दिन भाइयों का अपनी बहन के घर जाकर भोजन करना शुभ माना जाता है।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया यानी दीपावली के दूसरे दिन मनाये जाने वाले इस त्योहार के दौरान बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती है। इसके बाद भाई शगुन के रूप में बहन को उपहार भेंट करता है। यह त्योहार बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और नेपाल सहित अन्य जगहों पर अलग-अलग नामों से प्रमुखता से मनाया जाता है।
भाईदूज के दिन यमुना नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ब्रजमंडल में इस दिन बहनें भाई के साथ यमुना स्नान करती हैं जिसका विशेष महत्व बताया गया है। भाई के कल्याण और वृद्धि की इच्छा से बहनें इस दिन कुछ अन्य मांगलिक विधान भी करती हैं। यमुना तट पर भाई-बहन का समवेत भोजन कल्याणकारी माना जाता है।
इस त्योहार का संदेश यही है कि भाई-बहन के बीच प्यार हमेशा बना रहना चाहिए। चाहे दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में कितने ही व्यस्त क्यों न हों लेकिन एक-दूसरे के साथ कुछ पल तसल्ली के जरूर गुजारने चाहिए। यही भावजीवन है।
🙏 जय श्री कृष्ण 🙏
॥हरि: 🕉 तत्सत्॥
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