विभूति दर्शन ' तेजस्तेजस्विनामहम् '
🙏 सुप्रभात, आज अश्विन कृष्णपक्ष नवमी दिनांक २.११.२०१८ शुक्रवार
🕉 #कृष्णं_वंदे_जगद्गुरूम् 🕉
#द्यूतं_छलयतामस्मि_तेजस्तेजस्विनामहम्।
#जयोऽस्मि_व्यवसायोऽस्मि_सत्त्वं_सत्त्ववतामहम्॥ (भ ग १०/३६)
(भावार्थ : छल करनेवालोंमें जो पासोंसे खेलना आदि द्यूत और तेजस्वियोंका मैं तेज हूँ। जीतनेवालोंका मैं विजय हूँ। निश्चय करनेवालोंका निश्चय (उद्यमशीलोंका उद्यम) हूँ और सत्त्वयुक्त पुरुषोंका अर्थात् सात्त्विक पुरुषोंका मैं सत्त्वगुण हूँ।)
#दैविसम्पदा
#बीजं_मां_सर्वभूतानां_विद्धि_पार्थ_सनातनम्।
#बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि_तेजस्तेजस्विनामहम्॥ (भ ग ७/१०)
(अतः हे पार्थ मुझे तू सब भूतोंका सनातन पुरातन बीज अर्थात् उनकी उत्पत्तिका मूल कारण जान। तथा मैं ही बुद्धिमानोंकी बुद्धि अर्थात् विवेकशक्ति और तेजस्वियों अर्थात् प्रभावशाली पुरुषोंका तेज प्रभाव हूँ।)
#बीजं_मां_सर्वभूतानां_विद्धि_पार्थ_सनातनम्।
#बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि_तेजस्तेजस्विनामहम्॥ (भ ग ७/१०)
(अतः हे पार्थ मुझे तू सब भूतोंका सनातन पुरातन बीज अर्थात् उनकी उत्पत्तिका मूल कारण जान। तथा मैं ही बुद्धिमानोंकी बुद्धि अर्थात् विवेकशक्ति और तेजस्वियों अर्थात् प्रभावशाली पुरुषोंका तेज प्रभाव हूँ।)
श्रीमद् भगवद्गीता मे प्रभु ने कहा है #तेजस्तेजस्विनामहम् मैं तेजस्वियोंका मैं तेज हुं।
भगवान सूर्य नारायण प्रत्यक्ष देव हैं।
#यदादित्यगतं_तेजो_जगद्भासयतेऽखिलम्।
#यच्चन्द्रमसि_यच्चाग्नौ_तत्तेजो_विद्धि_मामकम्॥ (भ ग १५/१२)
(अतः जो तेज सूर्य में स्थित होकर सम्पूर्ण जगत् को प्रकाशित करता है तथा जो तेज चन्द्रमा में है और अग्नि में है उस तेज को तुम मेरा ही जानो।)
भगवान सूर्य नारायण प्रत्यक्ष देव हैं।
#यदादित्यगतं_तेजो_जगद्भासयतेऽखिलम्।
#यच्चन्द्रमसि_यच्चाग्नौ_तत्तेजो_विद्धि_मामकम्॥ (भ ग १५/१२)
(अतः जो तेज सूर्य में स्थित होकर सम्पूर्ण जगत् को प्रकाशित करता है तथा जो तेज चन्द्रमा में है और अग्नि में है उस तेज को तुम मेरा ही जानो।)
सूर्य नारायण का उदय होता है, तो संपूर्ण विश्व प्रकाशित हो जाता है। सूर्य नारायण हम से कुछ भी नहीं मांगते और हमें बिना मांगे ही अपनी ऊष्मा और प्रकाश देते हैं, जिससे समस्त प्राणियों में उत्साह, स्फूर्ति और चैतन्य आ जाता है। प्रभु सवित्र सूर्यनारायण के रूप में हमारे द्वार पर शांति से प्रतिक्षा करते हैं और जैसे ही हम द्वार खोलते हैं, तो बिना किसी आवाज के शांति से प्रवेश करते हैं। कितना अद्भुत प्रेम है प्रभु का !
रामायण में एक सुन्दर प्रसंग है। जब प्रभु श्रीराम का विवाह हुआ, उसके साथ ही लक्ष्मणजी, भरतजी और शत्रुघ्नजी का भी विवाह हुआ। रामजी सीधे सादे बडों की आज्ञा का पालन करने वाले। जब कन्यादान का समय आया, विवाह करानेवाले भूदेव ने रामजी से कन्यादान स्विकारने के लिए अपना हाथ आगे बढाने को कहा, तो रामजी ने तुरंत अपना हाथ आगे बढ़ा कर कन्यादान स्विकारा।
उसके बाद लक्ष्मणजी की बारी आई तो भूदेव ने उन्हें भी अपना हाथ आगे बढ़ाने को कहा, लेकिन लक्ष्मणजी हाथ आगे नहीं बढ़ाते। बार बार कहने पर भी हाध आगे नहीं बढ़ाते। तब सबने उन्हसे इसका कारण पूछा कि आप अपना हाथ क्यों नहीं बढा रहे हैं ? तब लक्ष्मणजी ने उत्तर दिया कि हम क्षत्रिय है और क्षत्रिय कभी दान लेते नहीं अपितु दान देते हैं। अंत में गुरु वसिष्ठ के समझाने पर कि जीवन में एक बार सिर्फ यह दान लेना पड़ता है, तब उन्होंने अपना हाथ आगे बढाया। कितनी अद्भुत तेजस्विता है लक्ष्मणजी की !
कविवर #रविंद्रनाथ_टैगोर का #तेजस्विता पर सुंदर काव्य है :
Who will take up my work ?
asks the setting SUN,
None has an.answer,
in the whole silent world,
An earthen LAMP says
humbly from a corner,
I will my lord,
as best as I can !
asks the setting SUN,
None has an.answer,
in the whole silent world,
An earthen LAMP says
humbly from a corner,
I will my lord,
as best as I can !
सूर्य के अस्त होते ही सर्वत्र अंधकार फैलता है। अंधकार की छाया को पृथ्वी पर फैलते कौन रोकेगा ? सूर्य का स्थान कोन लेंगा ? सूर्य की तरह सतत जलते रहकर प्रकाश कौन देंगा ?
आखिर दो पैसा का #मिट्टीका_दीपक एक कोने से नम्रता से सूर्यनारायण को कहता है। भगवन् मैं करूंगा ! मैं करूंगा ! मैं करूंगा ! मिट्टी का दीपक सूर्य का काम करने के लिये तैयार हुआ। यथा शक्ति, तेल और बाती को जलाकर, अपना सर्वस्व अर्पण कर, प्रकाश देने वाले दीपक को क्या हम नमःस्कार न करें ? यह छोटासा दीपक हमें प्रेरणा देता है: ' भले ही तू छोटा हो, भले ही तेरा सामाजिक मूल्य दो पैसे का हो, फिर भी तू जलने की तैयारी रख, हिम्मत दिखा, तू भी प्रकाश दे सकेगा, तुही वह कर सकेंगा। '
छोटे दिपक सड़ हम #YES_I_CAN ! से की प्रेरणा लेकर आत्मविश्वास बढ़ाकर जीवन यशस्वी बना सकते हैं। हमे तेजस्विता से निष्काम कर्मयोग की प्रेरणा देनेवाले मिट्टी के दीपक से भगवान की #पूजा_आरती की जाती है। १००० वोल्ट के हैलोजेन से नही !
- 🙏 जय श्री कृष्ण 🙏
॥हरि: 🕉 तत्सत्॥
🔆 इदं न मम 🔆
🙏🙏🙏🙏🙏
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