गरुड़ भगवान

🙏 सुप्रभात, आज मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी रविवार दिनांक १६.१२.२०१८ 🙏

🕉 #कृष्णं_वंदे_जगद्गुरूम् 🕉   


श्रीमद्भगवगिता में अपनी दैवीसंपदा एवं विभूति दर्शनमें प्रभु ने कहा है:
#प्रह्लादश्चास्मि_दैत्यानां_कालः_कलयतामहम्।
#मृगाणां_च_मृगेन्द्रोऽहं_वैनतेयश्च_पक्षिणाम्॥ (भ ग १०/३०)
अर्थात् :  दैत्योंमें अर्थात् दितिके वंशजोंमें मैं प्रह्लाद नामक दैत्य हूँ, और गणना करनेवालोंमें मैं काल हूँ। पशुओंमें पशुओंका राजा सिंह या व्याघ्र और पक्षियोंमें विनतापुत्र -गरुड़ मैं हूँ।

श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान कहते है की : #वैनतेयश्च_पक्षिणाम् पक्षियोंमें विनतापुत्र -गरुड़ मैं हूँ।

#गरुड़_Eagle :
गरुड़ पक्षियों के राजा और भगवान विष्णु  के वाहन हैं। गरुड़ कश्यप  ऋषि और उनकी दूसरी पत्नी विनता की सन्तान हैं। पौराणिक कथानुसार दक्ष प्रजापति  की कद्रू और विनता नामक दो कन्याएँ थीं। उन दोनों का विवाह कश्यप  ऋषि के साथ हुआ।

कद्रु ने  कश्यप  ऋषि से एक हजार नाग पुत्र और विनता ने केवल दो तेजस्वी पुत्र वरदान के रूप में माँगे। वरदान के परिणामस्वरूप कद्रू ने एक हजार अंडे और विनता ने दो अंडे प्रसव किये। कद्रू के अंडों के फूटने पर उसे एक हजार नाग पुत्र मिल गये।

किन्तु विनता के अंडे उस समय तक नहीं फूटे। उतावली होकर विनता ने एक अंडे को फोड़ डाला। उसमें से निकलने वाले बच्चे का ऊपरी अंग पूर्ण हो चुका था किन्तु नीचे के अंग नहीं बन पाये थे। उस बच्चे ने क्रोधित होकर अपनी माता को शाप दे दिया कि माता! तुमने कच्चे अंडे को तोड़ दिया है इसलिये तुझे पाँच सौ वर्षों तक अपनी सौत की दासी बनकर रहना होगा। ध्यान रहे दूसरे अंडे को अपने से फूटने देना। उस अंडे से एक अत्यन्त तेजस्वी बालक होगा और वही तुझे इस शाप से मुक्ति दिलायेगा। इतना कहकर अरुण नामक वह बालक आकाश में उड़ गया और सूर्य के रथ का सारथी बन गया। समय आने पर विनता के दूसरे अंडे से महातेजस्वी गरुड़ की उत्पत्ति हुई। उनकी शक्ति और गति अद्वितीय थी।

गरुड़ : पक्षियों में सबसे ज्यादा समझदार और बुद्धिमान कहा जाने वाला पक्षी गरुड़ ही है। इसे सबसे श्रेष्ट होने का भी अधिकार प्राप्त है। गरुड़ बहुत ही तेज़ गति के साथ उड़ने की शक्ति रखता है। हिन्दुओ के अठारह पुरानो में से एक पुराण जिसे #गरुड_पुराण कहा जाता है वो इसी पक्षी के नाम पर रखा गया है। इसको भारत का धार्मिक पक्षी मानते है। साथ ही साथ ये ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रिय पक्षी भी है।

हिन्दू धर्म में गरुड़ से जुडी अनेक कथाये मिलती है – रामायण की बात करे तो उसमे जटायु और उसके भाई सम्पाती के महत्वपूर्ण योगदान को कौन भूल सकता है रामकार्य में अपना बलिदान देनेवाले यह प्रथम शहीद ये दोनों भी गरुड़ ही थे। इसके अलावा रामायण के अंतिम युद्ध में भगवान राम को जब मेघनाथ अपने नागपाश से बाँध देता है तो गरुड़ आकर ही भगवान राम को नागपाश से बचाते है। पौराणिक कथाओ में गरुड़ को भगवान विष्णु की सवारी के रूप में भी दिखाया गया है। ये भी कहा जाता है कि गरुड़ सौ साल तक जीवित रह सकता है। किन्तु आजकल तो गरुड़ के अस्तित्व को ही गहरा संकट है।

गरुड़ (Eagle) से जुड़े रोचक तथ्य :
•गरुड़ भगवान विष्णु का वाहन हैं।
•भगवान गरुड़ को विनायक, गरुत्मत्, तार्क्ष्य, वैनतेय, नागान्तक, विष्णुरथ, खगेश्वर, सुपर्ण और पन्नगाशन नाम से भी जाना जाता है।
•महाभारत में गरूड़ ध्वज था।
•प्राचीन मंदिरों के द्वार पर एक ओर गरूड़, तो दूसरी ओर हनुमानजी की मूर्ति आवेष्‍ठित की जाती रही है।
• हरि मंदिरों में विष्णु भगवान के साथ गरुड़ की मूर्ति पूजी जाती है।
•घर में रखे मंदिर में गरूड़ घंटी।
•मंदिर के शिखर पर गरूड़ ध्वज होता है।
•गरुड़ भारत का धार्मिक पक्षी माना जाता है।
•गरुड़ अमेरिका का राष्ट्रीय पक्षी है।
•भारत के इतिहास में स्वर्ण युग के रूप में जाना जाने वाले गुप्त शासकों का प्रतीक चिन्ह गरुड़ ही था।
•कर्नाटक के होयसल शासकों का भी प्रतीक गरुड़ था।
•बौद्ध धर्म में भी गरुड़ महत्वपूर्ण पक्षी माना गया है।
•बौद्ध ग्रंथों के अनुसार गरुड़ को सुपर्ण (अच्छे पंख वाला) कहा गया है।
•जातक कथाओं में भी गरूड़ के बारे में कई कहानियां हैं।
•गरुड़ इंडोनेशिया, थाईलैंड और मंगोलिया आदि में भी सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में लोकप्रिय है।
•इंडोनेसिया का राष्ट्रिय प्रतीक गरुड़ है।
•इंडोनेसिया की राष्ट्रिय एयरलाइन्स का नाम भी गरुड़ है।
•इंडोनेशिया की सेनाएं संयुक्त राष्ट्र मिशन पर गरुड़ नाम से जाती है।
•इंडोनेशिया पहले एक हिन्दू राष्ट्र ही था।
•थाईलैंड का शाही परिवार भी प्रतीक के रूप में गरुड़ का प्रयोग करता है।
•थाईलैंड के कई बौद्ध मंदिर में गरुड़ की मूर्तियाँ और चित्र बने हैं।
•मंगोलिया की राजधानी उलनबटोर का प्रतीक गरुड़ है।

गरुड़ भगवान विष्णु का वाहन हैं। भगवान गरुड़ को विनायक, गरुत्मत्, तार्क्ष्य, वैनतेय, नागान्तक, विष्णुरथ, खगेश्वर, सुपर्ण और पन्नगाशन नाम से भी जाना जाता है। गरुड़ हिन्दू धर्म के साथ ही

॥हरि: 🕉 तत्सत्॥

🔆  इदं न मम  🔆

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