जय श्रीराम

🙏 सुप्रभात, आज मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी सोमवार दिनांक १७.१२.२०१८ 🙏

🕉 #कृष्णं_वंदे_जगद्गुरूम् 🕉   


श्रीमद्भगवगिता में अपनी दैवीसंपदा एवं विभूति दर्शनमें प्रभु ने कहा है:
#पवनः_पवतामस्मि_रामः_शस्त्रभृतामहम्।
#झषाणां_मकरश्चास्मि_स्रोतसामस्मि_जाह्नवी॥ (भ ग १०/३१)
अर्थात् : पवित्र करनेवालोंमें वायु और शस्त्रधारियोंमें दशरथपुत्र राम मैं हूँ? मछली आदि जलचर प्राणियोंमें मकर नामक जलचरोंकी जातिविशेष मैं हूँ? स्रोतोंमें - नदियोंमें मैं जाह्नवी - गङ्गा हूँ।

श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान कहते है की : #रामः_शस्त्रभृतामहम् शस्त्रधारियोंमें दशरथपुत्र राम मैं ही हूँ।

हमारे ह्रदय सम्राट प्रभु श्रीराम के विषय मे विवेचना करने के लिये हमारी सोच और समज कम पड़ती है। हम हमारी अल्प बुद्धि, और वैखरी वाणी से उनका चरित्र चित्रण क्या करे। जबकि तपस्वाध्याय रत ऋषिमुनियों ने उनके चरित्र चित्रण में नम्रता से कहते है कि :
#चरितं_रघुनाथस्य_शतकोटिप्रविस्तरम्‌।
#एकैकमक्षरं_पुंसां_महापातकनाशनम्‌॥
श्री रघुनाथजी का चरित्र सौ करोड़ विस्तार वाला हैं। उसका एक-एक अक्षर महापातकों को नष्ट करने वाला है।

#माता_रामो_मत्पिता_रामचंन्द्र:।
#स्वामी_रामो_मत्सखा_रामचंद्र:।
#सर्वस्वं_मे_रामचन्द्रो_दयालु।
#नान्यं_जाने_नैव_जाने_न_जाने॥
श्रीराम मेरे माता, मेरे पिता, मेरे स्वामी और मेरे सखा हैं। इस प्रकार दयालु श्रीराम मेरे सर्वस्व हैं. उनके सिवा में किसी दुसरे को नहीं जानता।

#रामो_राजमणि_सदा_विजयते_रामं_रमेशं_भजे।
#रामेणाभिहता_निशाचरचमू_रामाय_तस्मै_नम:।
#रामान्नास्ति_परायणं_परतरं_रामस्य_दासोSस्म्यहम्‌।
#रामे_चित्तलय_सदा_भवतु_मे_भो_राम_मामुद्धर॥
अर्थात् राजाओं में श्रेष्ठ श्रीराम सदा विजय को प्राप्त करते हैं। मैं लक्ष्मीपति भगवान श्रीराम का भजन करता हूँ। सम्पूर्ण राक्षस सेना का नाश करने वाले श्रीराम को मैं नमस्कार करता हूँ। श्रीराम के समान अन्य कोई आश्रयदाता नहीं। मैं उन शरणागत वत्सल का दास हूँ। मैं हमेशा श्रीराम मैं ही लीन रहूँ। हे श्रीराम! आप मेरा (इस संसार सागर से) उद्धार करें।

॥ जयश्री राम ॥

॥हरि: 🕉 तत्सत्॥

🔆  इदं न मम  🔆

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